आजमगढ़ आतंकी नेटवर्क की जांच तेज, एटीएस ने बनाई दो विशेष टीमें

Investigation into Azamgarh terror network intensifies

Investigation into Azamgarh terror network intensifies

लखनऊ। Investigation into Azamgarh terror network intensifies, आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने आजमगढ़ के निजामाबाद से गिरफ्तार किए गए आतंकी मोहम्मद शेख के नेटवर्क को खंगालने के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है। यह टीमें आजमगढ़ में रहकर आरोपित के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

वहीं एटीएस ने आरोपित को पिस्तौल व कारतूस उपलब्ध कराने वाले की पहचान कर ली है। एटीएस ने आईएसआई सममर्थित पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम करने वाले मोहम्मद शेख को पहली जून को गिरफ्तार किया था।

महिला नेता को बम से उड़ाने का था लक्ष्य

विशेष अदालत ने उसे आठ जून तक के लिए एटीएस को रिमांड पर सौंपा है। इसके बाद एटीएस की टीम उसे अपने साथ आजमगढ़ लेकर गई थी। एटीएस की कोशिश है कि आरोपित द्वारा स्लीपर सेल के लिए युवाओं को शहजाद भट्टी के साथ जोड़ने के पूरे नेटवर्क का राजफाश किया था।

एटीएस की सूत्रों के अनुसार आरोपित ने अपने अलावा तीन और युवाओं को स्लीपर सेल में भर्ती कराया था। इन्हें राजनीतिक दलों व सरकारी इमारतों के अलावा एक महिला नेता को बम से उड़ाने का लक्ष्य दिया गया था।

रिमांड पूरी होने पर अदालत में पेश किया जाएगा आतंकी

एटीएस की टीम पिछले माह 13 मई से उसके ऊपर नजर रख रही थी। एटीएस को आजमगढ़ के सरायमीर के पठान टोला निवासी एक और युवक की जानकारी आरोपित ने दी है। इसी युवक ने आरोपित को पिस्तौल व कारतूस उपलब्ध कराने में मदद की थी।

नतीजतन एटीएस की टीम ने संबंधित युवक से भी पूछताछ कर पिस्तौल व कारतूस उपलब्ध कराने वाले की पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है।

आरोपित ने पूछताछ में यह भी बताया है कि उसने उत्तर प्रदेश, पंजाब व गुजरात के कई संवेदनशील स्थलों की रेकी कर उसकी जानकारी पाक गैंग्सटर को दी थी। वहीं उसके मोबाइल से कई और संदिग्ध आतंकियों की जानकारी और कुछ वीडियो मिले हैं। सोमवार को रिमांड पूरी होने पर उसे अदालत में पेश किया जाएगा।